सो दर्द सहनेके बाद उनका एक संदेसा आया,कुछ ना बोल पाये हम आखो में बस आसुओका एक सैलाब आया,संदेसा था हम ठीक है अपना खयाल रखना,बस इन दो लफ़्ज़ों में जन्नत सा सुकून आया.
No comments:
Post a Comment