दो लफ्ज़ उनके लिए
वो इस कदर हमारी बाहों में सिमट गए कुछ ना याद रहा हमे सब कुछ हम भूल गए
दो पल के लिए रुक सी गयी ज़िन्दगी सारी हम उन्ही के थे और उन्ही के हो के रेह गए।
दर्द इतना है कि जता नही सकते,रो रहे है हम पर बता नही सकते,इतनी याद आ रही है उनकी की क्या बताये, तड़प रहे हर लम्हा पर उनसे बात कर नही सकते।