Tuesday, July 21, 2020

ज़िन्दगी

रास्तों में बिखरी बड़ी है ज़िन्दगी जरा सिमटने का तो वक़्त देते, एक के बाद एक इल्ज़ाम लगाए जा रहे हो थोड़ा सास लेने का मौका तो देते,मालूम है बहोत शिकायते है तेरी मेरी ज़िन्दगी से पर हस कर जरा दो बाते तो करने देते।

सपना

जिंदगी थी वो हमारी फिर भी छोड़ कर चले गए,दासता कुछ ऐसी लिखी रब ने सब कुछ तोड़ कर चले गए,जब नींद में थे तो सपना बहुत सुहाना था, आंख जैसे खुली सारे सपने चूर-चूर हो गए।

सच्चाई

सब अपनी मर्ज़ी के मालिक है यहां दूसरे का दर्द यहां दिखता नहीं कोई कितना भी करले प्यार किसिसे मतलब छोड़ कोई किसी का होता नहीं।

इतफाक

जब तक तड़पोगे उसकी याद में उतनी वो तुम से दूर होगी,जब भूला दोगे उसे और आगे पड़ने की कोशिश करोगे उस दिन उसे खुद के  सामने पाओगे।

हकीकत

ये अदा ये मासूमियत दिल को एक सुकून दे जाती है,अक्सर जिसे हम ढूंढते है सारे जहा में वो नज़ाकत वो अदा कहीं खुद में ढूढनी बाकी रह जाती है।