Thursday, April 22, 2021

मासूमियत

मासूमियत कुछ इस कदर है कि सब का दिल जीत ले,उसके लबो की हँसी से सारा जहा जीत ले,नफरत क्या होती उसे इसका इल्म नही,अपने प्यार से सारी दुनिया जीत ले,नादान नही पर समझदार कम्माल की है,अपने रंग में सब को रंग दे.


घर

कल्पनाओ से परे एक घर है मेरा' सो खुशिया साथ रेहती हो ऐसा ताज महल है मेरा,बात कड़वी करता हु पर दिल का बुरा नही खुशियो से कोई गहरा रिश्ता नही मेरा.