जब साँसों से साँसों का चलना मुश्किल हो जाय,जब किसी की याद आपको इतना दर्द दे जाय, तसबुर में बस उसी का चेहरा नज़र आए,तो इतना समज लेना मेरे यार की ज़िन्दगी तो आपकी थी पर जीने की वजह आप नही रहे.
Friday, August 20, 2021
खूबसूरती
सबब
तेरे दर्द से हम परे नही सब कुछ तो हम जानते है,तेरी आँखों से निकले हर आंसू का हिसाब हम जानते है,तू बैचैन है दुनियासे परे सही,तेरी जूठी मुस्कुराहट के बिछे का सैलाब हम जानते है।
शायरी
दर्द हो दिल में तभी कलम क्यों चलती है,खुशियो की बारिश में ये क्यों नही बहती है,बेशक़ शायरी हर बात को बेहत खूबसूरती से बया करती है,तो क्यों ये दर्द का दामन थाम हर दम तड़पती है.
याद
ना जाने क्यों आपकी याद आने लगी है, रेह रेह के हमे सताने लगी है,माना आपसे दूर है पर दिल से दूर नहीं,फिर भी आपसे मिलने की आस तड़पाने लगी है.
सच्चाई
कुछ हसीन पल थे उनके साथ जो हमने गुजारे थे अश्को से बहते आसुओसे सपनो की नाव बहाये थे उन्होंने तो कर दिया था रुक्सत हमे अपने दिल से हमी थे जो उनकी यादों को सीने से लगाए बैठे थे.
काश
दर्द जो है दिल मे काश तुमको बता बाते,दिल मे छुपे राज को लफ़्ज़ों में जता पाते,माना करते है बेहत बतसलूकी आपके साथ,काश हाले दिल का हाल आपसे बया कर पाते.
शायर
वक़्त रहते देख लेते तो नज़ारा कुछ और होता कश्ती को साहिल मील ना मिले ज़िन्दगी में पर ये गरीब शायर सिर्फ तुम्हारा होता
फना
बेगज जमाने से उम्मीद क्या करे खुद को कोस कर अल्ला से दुवा क्या करे फितरत नही थी किसी को जख्म देने की वो खुद ज़िन्दगी में आये हमारे तो हम लिहाज़ क्या करे
Tuesday, August 17, 2021
ईश्क़
वो इश्क़ ही क्या जो मुकमल न हो, जिसे चाहो शिद्दत से वो हासिल ना हो,मोहब्बत तो एक रूहमानी एहसास है,वो मिल जाये अगर तो जिंदगी जन्नत से कम न हो.
चाय
उन्हें किसी ओर की बनाई चाय पसंद नही वो खुद ही खुद के लिए बना लेती है,उनके चाय का भी कुछ अलग ही स्वाद है, जो हर घुट में हमे उनका बनाती है.
आलम
जब भी मन करता है तुम्हें देखने का देख नहीं पाते, तुझसे दूर हम अब रह नहीं पाते, माना वक़्त खराब है दूरियां जरूरी हैं, पर ये बेबसी का आलम हम अब सह नहीं पाते।
तुहि है
ज़िन्दगी के लकीर में साथ तेरा मिला, ज़िन्दगी जीने का जैसे हौसला मुझे मिला, तू मुक़दर में है बस यही काफ़ी है मेरे लिए तुझसे मिल कर जिनेका एक अलग अंदाज मुझे मिला।
चाहत
कुछ इस कदर तुज़से चाहत बढ़ने लगी,दीवानगी मेरी आशिकी की में बदलने लगी,में आशिक तो नही था मगर ... ऐ दिलरुबा, तुझे पाने की चाहत में आशिकी हद से ज्यादा बढ़ने लगी.
Thursday, August 12, 2021
शख्शियत
तेरी शख्शियत को मैं जान ना पाया,तू दिल में उतरती गयी और मैं तुझे रोक ना पाया, कुछ इस कदर तुझसे मोहब्बत हुई तू जान ना पाई और मैं जता ना पाया।
Saturday, August 7, 2021
इज़हार
आज भी दिल में तेरी यादें है आँखों में तेरा इंतज़ार है वक़्त के साथ बिखरी तेरी तस्वीरें है मुझे आज भी तुझसे ही प्यार है।
दिल की बाते
दिल चाहता है उसे पर उसे मैं पसंद नहीं, उसकी जिंदगी में मेरा कोई वजूद नहीं, पर दिल को मेरे मैं कैसे समझाऊं मेरे दिल पर मेरा जोर नहीं
तेरे लिए
बड़ी बैचनी सी है दिल में मेरे, सब कुछ सही है फिर भी मन मे हिचकिचाहट सी है मेरे, तू ना करीब है मुझसे, ना तू दूर है दिल से, फिर भी तुझे लेके दिल में बगावत सी क्यों है।
गुमनाम आशिक
शायर
काश!! शायर के शायरी की तरह लोग शायर के दिल को भी समझ पाते, रोते हुए शायर के जज़्बात भी समझ पाते, उसमे काबिलियत तो है हर दर्द को खूबसूरती से लफ़्ज़ों में बयां करने की, काश समझने वाले उसके लिखने के पीछे की तड़प भी समझ पाते ।
Friday, August 6, 2021
जान
बिना बात किए आपसे हम रह नहीं पाते
आपकी नाराज़गी हम समझ नहीं पाते माना हो जाती है छोटी - मोटी गलतियां हमसे
पर आपसे जुदाई हम सह नहीं पाते
जान
जान
प्यार
ये प्यार की कैसी कशमकश है दूर है वो फिर भी दिल के करीब है
रोज़ करते है झगड़े कॉल पर फिर भी दिल मे उसकी ही तस्वीर क्यों है।
Thursday, August 5, 2021
सच्चाई
ज़िंदा थे तब तक तो किसी को हमारी याद ना आई आज कफन में दफन क्या हुवे लोगो के आँख में आंसू ओर दिल मे एक आह भर कर उभर पड़े.
डर
तुझे पाकर खोने का डर है मुझे, तेरी उम्मीदों पर खरा उत्तर पाऊंगा या नही इसका डर है मुझे, में मायूस था खुद से उम्मीद ना थी ज़िन्दगी से कोई,तुझे पाकर खुद को ना खो दु इसका डर है मुझे.
लाचार
वक़्त रहते खुद को बदल देते तो अच्छा होता, पर ये हो ना सका और अब ये हालात है कि खुद तो खुश हो नही सकते और दूसरों की ज़िंदगी बर्बाद कर रहे है.
गुमनाम
सुकून
सो दर्द सहनेके बाद उनका एक संदेसा आया,कुछ ना बोल पाये हम आखो में बस आसुओका एक सैलाब आया,संदेसा था हम ठीक है अपना खयाल रखना,बस इन दो लफ़्ज़ों में जन्नत सा सुकून आया.
Wednesday, August 4, 2021
साथ कि बात
जब बात चली थी कसमो की तो उन्होंने वादो के पूल बांद दिए,पर निभाने का जब वक़्त आय,वो तो चले गए,
आंखोमें आसुओका समंदर छोड़ गए.
किस्मत की बाते
अगर मांगा मेने रब से जो लिखा है मेरे किस्मत में,तो फिर वो देने के लिए तरसाता क्यों है,अगर उसे खबर होती है कि वो नही है मेरे काबिल मुकम्मल ज़िंदगी के लिए तब भी वो उसे मिलवाता क्यों है.
Monday, August 2, 2021
सवाल
किसी का होना या किसीका मिलना गर इनायत है उस खुदा की, तो क्यो छोड़ देता है खुदा अपने बंदों को बीच मज़ार पर,जहा से वो ना जी पाता है और ना मर पाता है बस तड़पता रेह जाता है उम्र भर के लिए।
खामोशी
उसने मुझे चाहा उसने मुझ से इज़हार किया मेने भी खुली बाहों से उसे प्यार किया पर थी तो वो बेवफा और बेवफाई उसकी आदत थी सब कुछ छोड़ कर चली गयी मुझे अकेला छोड़ गई,अब रहता हूं में अकेला उसकी यादों में अब जीता हु,दुनीया को छोड़ छाड़ गुमसुम सा में रेहता हु।
खुदा
दुनिया की तकलीफों को देख खुदा भी आज रो पड़ा,देने वाला भी वो है लेने वाला भी वही है,फिर भी अपनी तराशी मूरत को तड़पता देख वो भी रो पड़ा।
दिल की बात
आज उनसे बात हुवी, कुछ पल के लिए ही सही आज उनसे मुलाकात हुवी,चाहते थे उनको हमेशा के लिए पर केह ना सके और दिल की बात दिली में रेह गयी।
दरखास्त
कोई बात हे दिल मे तो बता दो हमे,कोई गलती हो तो सजा दो हमे,ये खामोशी आपकी जीने नही देती हमे कोई तो जीने की वजह दो हमे.
दस्ताने इश्क़
दर्द
कुछ तो खामियां रही होंगी हम में जो वो बीच रास्ते साथ छोड़ कर चले गए,माहोब्बत तो उनको भी थी हमसे फिर भी ना जाने क्यों साथ छोड़ गए.
चोट
इतनी चोटे खाई हमने की दिल के टुकड़े हज़ार हुवे
कोशिश भी क्या करे उन्हें जोड़ने की दिल पर वार इतने बार हुवे।
इज़्ज़त
समय
कभी तो वक़्त निकाल कर बात कर लिया करो,माना बहोत मशरूफ होते हो आप अपने कामो में,पर थोड़ीसी तो इज़्ज़त इस नाचीज की भी किया करो।