Wednesday, July 28, 2021

वेताळ

मी.... मी कसा आहेस असे विचारत आहेस 
मी ऐका बाटलीत बंद वेताळा सारखा आहे जो जिवंत हे नाही आणि मृत ही नाही फक्त बाटलीत बंद असलेली एक अतृप्त आत्मा ज्याला न देह आहे ना आकार ना मोक्ष आहे ना विलीनता आजन्म ऐका कैदेत.

फरमान

हम कौन होते है किसी को अच्छा या बुरा समझनेवाले रेहमत तो उस की होगी 
जो वो देगा हमे वो कबुल है

रेहमत

किसी को बरबाद कर कर अगर खुशी ढूंढोगे तो इबादत नही जहनुब की सजा होगी, 
मगर किसी ने आपके खुशी के लिए खुद को कुर्बान किया तो वो ज़िन्दगी जन्नत सी खूबसूरत होगी.

दुवा

जिनके लिए हमेशा दुवावो में इबादत मांगी वो कहते है कि हमे जीना नही 
वो खुदा भी उनकी दुवा कैसे कबुल करे जिनके लिए हमने अपनी ज़िन्दगी भेट कर दी.

बेजुबाँ

रिश्तो का वास्ता आप मत ही तो बेहतर होगा कफन में दफन मुर्दा भी जानता है दिल टुटने का दर्द क्या होता है.

माहोब्बत

वो माहोब्बत ही क्या जो शक्ल से कि जाए,वो प्यार ही क्या जो जिस्म तक सीमित हो जाये,इश्क़ तो रुहमानी है जनाब,जो दिल से निकल कर रूह तक साथ चले,बिना लफ्जो के हर अल्फ़ाज़ समज जाए.

शायर

हम दर्द लिखने वाले खुशी से कोई वास्ता नही मेरा आज आपकी लिखावट देख दिल बगावत कर बैठा.


दर्द

बेशक आज दिल रोने को है,आसुओ से भरे तूफान अश्कोसे बेहनेको है,टूट कर बिखर चुके है दिल के अरमान, फिर भी मन उनके आने के इंतज़ार में है.

शब्द

शब्द तुझे शब्द माझे शब्द शब्दात गुंतले शब्दाला शब्दच जुळता मोहक काव्य मी रचिले.

Tuesday, July 27, 2021

हार

हार चुके है अब ना आना ना जाना है कही ,बहोत दिल लगा कर देख लिया अब ना फसाना है कोई, हर बार इज़्ज़हार किया पर नतीज़ा यही निकला, वो किसी ओर के है और अब ना हमारा है कोई।