Thursday, May 27, 2021
दो दिल एक जान
बिन तेरे
आपको उदास देख नहीं सकते, बिना बात किए आप से रह नहीं सकते, माना आपका दर्द समझ नहीं पाते, पर आपको उदास देख हम खुश हो नहीं सकते।
तेरा होने लगा
पता नहीं क्या बात है जो आपको दर्द दे रहीं है, ख़ूबसूरत चेहरे से न जाने किस ने हँसी छीनी है, ख़ुदा करे आपकी सारी दिक्कतें दूर हो जाए, चाहें खुदा आप की खुशियों के बदले हमें गम दे जाए
Ultimate Truth
दो गज की जमीन में दफ़न हो जाना है लौट कर वापस यहां नहीं आना है,
रिश्ते, नाते, प्यार, मोहब्बत सब मोह माया है, रूह को आखिर अनंत में विलीन हो जाना है
क्यों
शायर
Wednesday, May 26, 2021
जिंदादिली
जज्बा
खामोशी
हकीकत
बस तेरा
दर्द होता है दिल में पर दिखा नहीं पाते, निकलते है आंसू पर बया होने नहीं देते, इश्क़ है तुमसे इस लिए चुप है, किसी और को ये हक अदा नहीं करते
नासूर
हमने उनसे कम और उनके आंखों से बातें हज़ार की है,
जिनके जवाब वो कभी ना दे पाए हमें वो जवाब आंखों ने कई बार दोहराएं हैं ।
Tuesday, May 25, 2021
कफन
जो लिखा था वो कभी हुआ नहीं और जो हुआ वो लिखने की कभी हिम्मत हुई नहीं, अक्सर ज़िन्दगी में ऐसा ही होता है जो होना चाहिए वो होता नहीं और जो होता है वो हम बया कर नहीं पाते, मिट्टी में दफ़्न मुर्दे से पूछो कफन में दफन कितने राज़ है।
नकाब
चेहरे की हँसी से गम को छुपाओ, कुछ ना कहो धीरे से तुम मुस्कुराओ, ये दुनिया झुठ पे चलती है सच से कोई वास्ता नहीं इसका, चेहरे पे नकाब लिए सब को तुम रिझाओ.
जायका
दिल में इतना ज़हर है कि अब सहा नहीं जाता लफ़्ज़ों में लिख - लिख वो बया हो नहीं पाता मिलते है कुछ लोग सुकून के लिए, पर लफ़्ज़ों के ज़ायकों पे कोई संग रह नहीं पाता।
उनका जाना
मुकद्दर में तो नहीं था मिलना उनसे फिर भी उन्हींसे मोहब्बत हुई,
जब वक़्त आया मिलने का उनसे तो वो हमें छोड़ दुनिया से रुक्सत हुई।
कश्ती
Monday, May 24, 2021
ज़िंदा लाश
ज़िंदा ओर मुर्दा इन दोनों में ज्यादा अंतर तो नही है,जब इंसान पहले ही मर चुका हो अंदर से, तो उसे ज़िंदा जला दो या कफन में दफना दो, कोई फर्क नही पड़ता क्यों की ज़िंदा लाश का कोई वजूद नही होता।
दिल की बाते
ड्रीम गर्ल
आप खूबसूरत हो इतने कि आपको चूमने का मन करता है,आँखे है इतनी नशीली की इनमे डूब जाने का मन करता है,लबो की लाली से नज़र हटती नही हमारी,आपको बाहों में समेट कर आपका हो जाने का मन करता है.
वक़्त
Wednesday, May 19, 2021
बतसलूकी
उनसे बतसलूकी कुछ इस कदर हुवी,हमने तो की पूरी कोशिशें फिर भी ख्वाइशे पूरी ना हुवी.
सोचा था जब भी मिलेंगे दिल खोल कर मिलेंगे उनसे,पर ये भी मुराद हमारी पूरी ना हुवी.