Tuesday, May 25, 2021

कश्ती

तुफानोसे घिरे है हम मंजिल का कोई पता नही,कश्ती में है छेद इतने बचनेका कोई ठिकाना नही,फिर भी निकल पड़े है साहिल की तलाश में ये सोच कर मुकदर का खेल में अभी हारा नही.

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