सो दर्द छुपा कर हसने का हुन्नर हम में भी था पर वक़्त ने ऐसा धोका दिया कि टूट कर चूर चूर हो गए।
Thursday, September 8, 2022
यकीन
दर्द लिख लिख कर थक चुका हु। अब थोड़ा सुकून चाहिए। प्यार तो आज भी है उनसे ये वो भी जानते है,बस इसी बात का हमे यकीन चाहिए।
बेताबी
उनसे मिलने की बेताबी क्यों है सब कुछ सही है फिर भी आखों में नमी क्यों है। चाहत तो बेहद थी उनको पाने की पर मिल ना पाए फिर उन बिन ज़िन्दगी बेगानी क्यों है।
यादें
किसीको भूलना इतना मुश्किल क्यों है,दर्द हद से ज्यादा है फिर भी उसका इंतजार क्यों है,बेशक प्यार किया था हमने पुरी शिद्दत से उनसे,उन्होंने किया धोका तो बिन उसके जिंदगी जहन्नुम क्यू है।
सच्चाई
उन्हें हमसे प्यार था ही नही वो युही हमसे उलझ बैठे। जब इल्म हुवा उन्हें इस बात का वो हमें छोड़ खुद ही खुद मे उलज बैठे।
हुन्नर
कुछ खास लम्हो को जीने का हुन्नर रखते है, तू कहे तो तुझ पर जान भी निछावर करने का ईमान हम रखते है, तू ज़िन्दगी मेरी तू ही सब कुछ है मेरा, तेरे लिए खुद को कुर्बान करने का जिग्गर हम रखते है।
दिले नादान
कुछ हसीन पल है ज़िन्दगी में जो संभाल कर रखते है,आप जैसे शख्शियत को आँखों में छुपाये रखते है ,बेगर्ज बेपरवाह दुनिया मे कही हम खो ना दे आपको इसलिए दिल की धडकोनोमे आपको मेफ़्फ़ुज़ रखते है.
डर
वक़्त बे वक़्त उसे याद कर आँखे नम हो जाती है बेहत चाहता हु उसे पर इज़हार नही कर सकता इज़हार कर उन्हे खोना में बर्दाश नही कर सकता।
पुरानी बाते
एक वो दिन थे जब सब दोस्त साथ रहते थे सबके दिलों की बात अपने दिल मे रखते थे हस्ते थे रोते थे गुस्सा करते थे रूठते थे मनाते थे और अब ऎसे दीन आ गए है की किसको किसीकी खबर नहीं.
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