Wednesday, November 25, 2020

फासले

तरसती हैं आँखे जिसे देखने उसकी को हम देख नहीं पाते,तड़पता है दिल जिसे मिलनेको उसी को हम मिल नही पाते,माना मजबूरियां होति है,वक़्त नही मिलता,पर सच कहे तो ये जुदाई अब सेह नही पाते।

दुवा

तुझे देख लु एक बार दिल को मेरे सुकून मिल जाएं,तुझे नजरोमे उतार के आखो को मेरे सुकून मिल जाए,तुझे पा कर खुदा से और क्या मागू ,बस तू खुश रहे सदा ये दुवा मांगू।

दीदार

तसबुर मे चांद का दीदार है,इन आखो को बस तेरा इतझार है,देख के चांद आज रोजा भी खुलं जायेगा,तुझे देख लु मे बस एक बार तो मेरे लिये जन्नत का दरवाजा भी खुलं जायेगा।
आमीन

दिल की बाते

कुछ बाते है जो बताई नही जाती,लबो के हँसी से छुपाई नही जाती,माना दर्द बाटने से कम होता हैं,पर आसुओ के सैलाब में अपनों की कश्तियां डुबाई नही जाति।

जान ३

हम बेवकुफ नही जो तूमसे प्यार करते है,सुभा श्याम तेरा इंतजार करते हैं, हमे खुद से ज्यादा हमारे प्यार पर यकीन हैं, इसलिए हर लम्हा बस तेरा इंतजार करते है।

जान १

कैसी बताये अब तुम्हें की कितना तुम्हें   चाहते हैं,में आशिक हु तुम्हारा और तुम मेरी रूह बस इतना समजलो तेरे बिना कोई ठिकाना  नहीं अब हमारा.

जान

मासुमियत कुछ ऐसी है कि दिल को छू जाए, मुस्कुराहट ऐसी की देखता रेह जाय,खुदा का नायाब करिश्मा हो आप जो देखे आपको बस देखता रेह जाय.

Tuesday, November 24, 2020

हमनवां

नफरतों के इस जहां में ख्वाइशों का दम घुटता है,जिंदगी की नाकामियों में अपनों  का साथ छूटता है,तू बस यूं ही साथ रहना मेरे हमनवा तेरा साथ हो तो जीने का मन करता है।

सजा

दिल लगाने की सज़ा इस कदर पाई है जिस दिल से दिल लगाया हमने उसी से ठोकर खाई हैं।

हकीकत

जमाने ने कुछ ऐसी तस्वीर हमें दिखाई है,लोगों के चेहरे बेनकाब कर उनकी सच्चाई हमें दिखाई है,जिनको कभी दिलों जान से अपना माना था,आज पता चला उन्हीं के दिल में हम नासूर बन कर जी रहे है।

जुदाई

दर्द कुछ इस तरह से हो रहा है,सारे जिस्म में मानो जहर सा फैला हुआ है,उसने साथ छोड़ दिया बस ये केह कर की अब तुम्हारी जरूरत नहीं हमें।

सच

दर्द होता है दिल में वो हर किसी को दिखाया नहीं जाता,हस्ती हुवे चेहरे को दर्द की आह से रुलाया नहीं जाता,बेशक मोहोब्बत इम्तहान लेती हैं ग़ालिब,वरना दर्द भरी शायरी लिखेने वाला आशिक कभी कवारा नहीं होता।

दर्द

किसी को चाहना अच्छी बात है पर हद से ज्यादा चाहना आपकी जान ले सकता है।

याद

किसी को अगर हद से ज्यादा चाहो तो उसे कभी बताना मत या उसके सामने कभी ये जाहिर मत होने देना कि आप उससे हद से ज्यादा चाहने लगे हो,क्योंकि जब वो छोड़कर चला जाता है तो आप टूटकर भीखर जाते हो कभी ना जुड़ने के लिए।

चाहत

किसी को अगर हद से ज्यादा चाहो तो उसे कभी बताना मत या उसके सामने कभी ये जाहिर मत होने देना कि आप उससे हद से ज्यादा चाहने लगे हो,क्योंकि जब वो छोड़कर चला जाता है तो आप टूटकर भीखर जाते हो कभी ना जुड़ने के लिए।