तसबुर मे चांद का दीदार है,इन आखो को बस तेरा इतझार है,देख के चांद आज रोजा भी खुलं जायेगा,तुझे देख लु मे बस एक बार तो मेरे लिये जन्नत का दरवाजा भी खुलं जायेगा। आमीन
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