तरसती हैं आँखे जिसे देखने उसकी को हम देख नहीं पाते,तड़पता है दिल जिसे मिलनेको उसी को हम मिल नही पाते,माना मजबूरियां होति है,वक़्त नही मिलता,पर सच कहे तो ये जुदाई अब सेह नही पाते।
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