गुमनाम
ना हम अच्छे हैं ना हमारा प्यार सच्चा है, दिखावे की ज़िंदगी जीते है मुखोटों के दुनिया मे रहते है, दर्द से पुराना रिश्ता है हमारा खुशियो से कोई वास्ता नहीं,सूरत सीरत की बात ना ही हो तो अच्छा है रूह तो नही है हम में ज़िंदा तो है पर लाश जैसे रेहते है।
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