Tuesday, August 17, 2021

चाहत

कुछ इस कदर तुज़से चाहत बढ़ने लगी,दीवानगी मेरी आशिकी की में बदलने लगी,में आशिक तो नही था मगर ... ऐ दिलरुबा, तुझे पाने की चाहत में आशिकी हद से ज्यादा बढ़ने लगी.



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