Thursday, August 12, 2021

शख्शियत

तेरी  शख्शियत को मैं जान ना पाया,तू दिल में उतरती गयी और मैं तुझे रोक ना पाया, कुछ इस कदर तुझसे मोहब्बत हुई तू जान ना पाई और मैं जता ना पाया।


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