तेरी शख्शियत को मैं जान ना पाया,तू दिल में उतरती गयी और मैं तुझे रोक ना पाया, कुछ इस कदर तुझसे मोहब्बत हुई तू जान ना पाई और मैं जता ना पाया।
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