रास्तों में बिखरी बड़ी है ज़िन्दगी जरा सिमटने का तो वक़्त देते, एक के बाद एक इल्ज़ाम लगाए जा रहे हो थोड़ा सास लेने का मौका तो देते,मालूम है बहोत शिकायते है तेरी मेरी ज़िन्दगी से पर हस कर जरा दो बाते तो करने देते।
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