दिल के दर्द ने रोना सीखा दिया,दर्द में डूबे आसुओने बोलना सीखा दिया,लफ्ज़ रहने लगे खामोश मगर,कलम के हातोने लिखना सीखा दिया,फिर तो ऐसी चली कलम तोड़ दी सारी हदे तसबुर में दिखे चांद को पलको पे बिठा दिया.
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