Thursday, February 25, 2021

दर्द

दर्द ने दर्द को दस्तक दी कि कलम चलने लगती है,
सिसकियोसे से फिर आसुओकी नहर  बहने लगती है,
कोरे कागज पे फिर ज़ख्मोका कारवां चलता है, 
कुछ पंक्तिया लिख कर भी सागर अहसास मिलता है,

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