मरते है हजार लोग हर रोज़ तो उसमें गम क्या करना,जो आया है उसे जाना है एक दिन तो उसका शोक क्या करना, अभी ज़िन्दा हु फिर भी लोगों को फुरसत नही हालचाल पुछनेकी अगर एक दिन युही मर जाऊँ तो उसमें अफसोस क्या करना।
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